शनिवार, 17 सितंबर 2016

एक चुटकला जो जिंदगी जीना सीखा दे (One Inspirational Joke)







क्या कोई चुटकला जिंदगी जीना भी सीखा सकता है ? What A Joke.........चुटकला कैसे जिंदगी जीना सीखा देगा ? यही सोचेंगे न आप ? पर यह सच है अगर चुटकलों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाए तो बहुत से चुटकलें भी हमें जिंदगी जीना सीखा सकते है।



अगर विशवास नहीं आता तो आप पहले चुटकला पढ़िए उसके बाद समझते है उस Joke की गहराईयों को।




चुटकला (Joke)






पत्नी बाजार से घर आती है और पति को आवाज लगाती है लेकिन वह सुनता नहीं।
 इसके बाद वह अपने कमरे में जाकर देखती है कि Bed पर दो लोगों की टांगें है जो चादर लेकर पड़े हुए है।
पत्नी को एकदम गुस्सा आ जाता है और वह बैट (Bat) उठाकर दोनों को मारने लग जाती है।
जब पत्नी कमरे से बाहर आती है तो पति को kitchen में देखती है और पति कहता है कि तुम्हारे मम्मी-पापा आये  हुए है ,वह हमारे कमरे में आराम कर रहे है।



First impression में तो यह एक चुटकला ही है ,लेकिन अगर सोचा जाए और पत्नी की  मनोदशा को थोड़ा आगे ब्यान किया जाए तो पत्नी को एकदम से कितना दुःख और पछतावा हुआ होगा ,उसे अपने आप से ही घृणा हो रही होगी कि यह मैंने क्या कर दिया।




 
एक पल उसने सोचा नहीं और क्रोध के वश में होकर उसने बिन-मतलब  अपने पति पर बहुत ही गहरा शक किया और सालों के भरोसे को एक ही पल में तोड़कर उसका गुस्सा उसपर इतना हावी हो गया कि वह क्या करने लगी यह उसने एक बार भी न सोचा और अपने ही माता-पिता को मारने लगी।






सिर्फ और सिर्फ एक पल के गुस्से ने उसकी जिंदगी ही बदल दी। अगर वह थोड़ा-सा सोचती या फिर अपने पति पर उसका भरोसा ही कायम रहता कि नहीं मेरा पति ऐसा नहीं कर सकता और देखती कि कौन है तो ऐसा कदम उसने नहीं उठाना था। बस तीव्र गुस्से ने उसकी बुद्धि का हरण कर लिया और उसे नासमझ बना दिया।




 
दोस्तों अब हम हमारी अपनी बात पर आते है ,ऐसा ही कुछ हम सबके साथ भी हो सकता है या फिर कभी-कभी कुछ ऐसा हुआ हो ,हमने पहले सोचा कुछ और ही हो ,लेकिन हुआ कुछ और हो। हम सच्चाई को कई बार एकदम पहचान नहीं पाते और सोचते है किहमने जो देखा या फिर सुना है वह बिलकुल सही है। लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता , बहुत बार हमारी आँखें और हमारे कान भी हमें धोखा दे जाते है और हम बिना कुछ सोचे-समझे कुछ ऐसा बोल जाते है जो  चाहिए या फिर कई बार इतना ज्यादा बुरा कर जाते है जो हमें नहीं करना चाहिए था।

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लेकिन फिर जब बाद में असलियत पता लगती है तब सोचते (Think) है कि हमने बहुत बुरा कर दिया ,मुझे  ऐसा नहीं कहना चाहिए था या फिर मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था।  अब माफ़ी मांगू भी तो कैसे मांगू ? सिर्फ ek minute के आक्रोश में हम अपना आपा खो (lost)  बैठते है और अपने सालों के भरोसे (loyality) को कुछ ही seconds में भुला देते है। क्या यह बात सही है कि सालों के भरोसे को एक ही  पल में हम भूल जाएँ और उसे दांव पर लगाते हुए यह भी न सोचे कि हम जो करने जा रहे है क्या वह सही भी है ? एकदम से इतना गुस्सा ? वो भी उसके प्रति जो हमारे सबसे प्यारों (ख़ास दोस्त/रिश्तेदार ) में से है।



दोस्तों ऐसा कुछ-न-कुछ तक़रीबन हम सबके साथ हो ही जाता है कि हम ऐसा कर बैठते है और कुछ समझ ही नहीं पाते ,बस हमें उस समय अपने गुस्से का पता होता है।



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सालों के प्रेम को हम सिर्फ एक पल के गुस्से के कारण दांव पर लगा देते है। क्या गुस्सा इतना बलवान है कि हम इंसान जोकि परमात्मा की सबसे बड़ी और सबसे अद्धभुत रचना है और हम सिर्फ एक आक्रोश के वश में आ जाए। दुनिया में लाखों प्रजातियों के जीव है उनमें से  इंसान ही सबसे अधिक बुद्धिमान है और हम फिर भी गुस्से के वश में होकर अपनी सूझ-बूझ खो बैठते है।



तो इसका मतलब सारे गुस्से की जड़ ही यह गुस्सा है। सिर्फ गुस्सा ही हमसे ऐसे काम करा देता है ,जो हम कभी  करना तो दूर सोचना भी नहीं चाहते, लेकिन फिर  क्रोध के वश होकर हम वह काम कर ही जाते है ,हम वो बन जाते है ,जो हम है ही नहीं।




 
तो दोस्तों अब आप शायद समझ गए होंगे कि गुस्सा कितना ज्यादा घातक है। अगर हम अपनी जिंदगी को आराम से जीना चाहते है और असल में एक सफल जीवन चाहते है तो हमें अपनी जिंदगी से क्रोध का त्याग कर देना चाहिए। पर जैसे कि हम गृहस्थ जीवन व्यतीत कर रहे है ,उसके लिए कभी-कभी गुस्सा करना भी पड़ जाता है ,वैसे तो कभी भी न करे ,ज्यादा अच्छी बात है ,अगर करना पड़े भी तो उसकी भी कुछ सीमा होती है ,जो इस ब्लॉग में पहले पहले की Post क्या आप जागृत है ? (Kya Aap Jag Rahe Hai ?) में  विकारों की सीमा में बताया गया है। 



तो बस दोस्तों एक खुशहाल जिंदगी जीने के लिए , जीवन से क्रोध को निकाल फेंकिये और खुश रहे ,सभी से प्यार करें और सब लोगों में खुशियां बाँटें। 


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दोस्तों आपको यह Post एक चुटकला जो जिंदगी जीना सीखा दे (One Inspirational Joke) कैसी लगी। इसमें पहले एक Joke है ,मगर अगर उस joke को हम थोड़ा seriously सोचे तो वह जिंदगी जीना सीख दे। आपको यह post कैसी लगी comment करके जरूर बताएं। 



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8 टिप्‍पणियां:

  1. भई वाह क्‍या कहने, जैसे ही मैंनें आपका यह शीर्षक पढ़ा, मैं चौंक गया। एक चुटकुला जो जीवन जीना सिखा दे। आपका यह शीर्षक इतना अच्‍छा है कि मैं बता नहीं सकता। वाकई आपके इस चुटकुले ने मुझे बहुत कुछ सिखा दिया। अच्‍छा लेख।

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  2. वाह ! गजब का आर्टिकल लिखा है आपने। पहले तो जोक पढकर हंसी आई पर फिर जब इस जोक की गंभीरता को पढ़ा। तो काफी बढ़िया मेसेज लगा। Great post.

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  3. Great.....Real me yeh ek motivational joke hai....wah! joke bhi hai aur motivate bhi karta hai....agar isi style se likha jaye to Hindi Blogging me bhi kuch hat kar accha likhne ki habit ka janm ho jayega jo....hindi blogging ke behtareen din la dega......dhanyavad!

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