रविवार, 23 अक्तूबर 2016

सिख धर्म में दिवाली की मान्यता (Why Diwali Is Celebrated In Sikh Religion In Hindi)

जैसे हिन्दू और जैन धर्म में दिवाली को लेकर अपनी-अपनी मान्यताएं है वैसे ही सिख धर्म में भी दिवाली को मनाने हेतु अपनी ही अलग मान्यता है।



सिख धर्म में जो प्रचलित मान्यता है, यहाँ आप उसके बारे में पढेंगे ।


जानिये जैन धर्म में दिवाली किस मान्यता को लेकर मनाई जाती है 


सिख धर्म में छठे गुरु ,गुरु हरगोबिन्द साहिब जी को उस समय के मुग़ल शहंशाह जहांगीर ने ग्वालियर के किले में गुरु जी को बंदी बना लिया । क्यूंकि गुरु जी तो गुरु थे ,वह जेल में भी दोनों समय कीर्तन करने लगे ।



गुरु जी जेल में थे और ऐसे समय में उनके श्रद्धालु कैसे चैन से बैठ जाते । गुरु जी को छुड़वाने के लिए सिखों का एक जत्था श्री आकाल तख़्त साहिब जी से अरदास करके बाबा बुढा जी की अगुवाई में ग्वालियर के किले के लिए रवाना हो गया। जब यह ग्वालियर के किले में पहुंचे तो इन्हें गुरु जी से मिलने भी न दिया गया जिसके फलस्वरूप सिखों में और भी ज्यादा रोष हो गया।


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इसके पश्चात साई मिया मीर जी ने जहांगीर से गुरु जी को छुड़वाने के लिए बात की ,जिसमे वह सफल भी रहे।



लेकिन  गुरु जी ने अकेले किले से रिहाई के लिए मना कर दिया क्योंकि गुरु जी वहां क़ैद अन्य राजाओं को भी जेल के बंधन से मुक्ति दिलवाना चाहते थे।जहांगीर ने गुरु जी की बात मान ली लेकिन उसने कहा कि वह सिर्फ उतने राजाओं को ही छुड़वा सकते है जितने कि उन्हें पकड़े सके । ऐसा जहांगीर ने कैद से रिहा होने वालो की संख्या कम करने के लिए कहा था। गुरु जी भी मान गए। गुरु जी ने अपने लिए एक खास तरह के वस्त्र तैयार कराये जिन्हें सभी राजा पकड़ सकते थे। रिहाई के समय कैद में रह रहे 52 के 52 राजा ही गुरु जी को पकड़ कर रिहा हो गए।


Guru Hargobind is released from Gwalior Fort by Jahangir's order


जिस दिन गुरु जी रिहा हुए थे वह कार्तिक मास की अमावस्या का दिन था यानी की दिवाली का दिन। गुरु जी रिहा होकर अमृतसर पहुंचे। गुरु जी के वापिस आने की ख़ुशी में सभी लोगों ने अपने घर में दीये जलाये तथा श्री हरमंदिर साहिब में भी लोगों ने ख़ुशी से दीये जलाये। इसी दिन की ख़ुशी में आज भी श्री हरमंदिर साहिब में दिवाली का त्यौहार बहुत धूम-धाम के साथ मनाया जाता है।


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इस दिन को बंदी छोड़ दिवस के नाम से भी जाना जाता है।



दोस्तों आपको यह जानकारी सिख धर्म में दिवाली क्यों मनाई जाती है कैसी लगी comment करके जरूर बताये। अगर आप भी कुछ जानते है तो comment करके या फिर contact us form भरकर हमारे साथ share कर सकते है।



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3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी सभी धर्मो में दीवाली मनाने की मान्यता पर लिखी गयी सभी पोस्ट बहुत अच्छी है. सिखो में दिवाली क्यों मनाई जाती है इसका मुझे ज्यादा ज्ञान नहीं था पर आपकी पोस्ट ने यह जानकारी भी आसानी से दे दी. बहुत बढिया निखिल जी. आगे बढ़ते रहो.

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ’अहिंसक वीर क्रांतिकारी को नमन : ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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