जीवन में हमेशा सतर्क रहे (Always Be Careful In Life)

जीवन में हमेशा हमें सतर्क (सावधान) रहना चाहिए, इसी पर पहले एक छोटी-सी कहानी(Hindi Story) पढ़िए फिर आगे –

नंदन वन में एक शेर(Lion) रहता था। एक बार की बात है वह जंगल में घूम रहा था ,घुमते घुमते उसके पैर में काँटा चुभ गया। काँटा चुभने के कारण शेर के पंजे में जखम बहुत गहरा हो गया और वह दौड़कर शिकार भी नहीं कर पा रहा था। शेर बहुत ही असहाय हो गया और लंगड़ाकर भी बहुत मुश्किल से चल पाता था।

वह शेर कितने दिनों से कुछ खा भी नहीं पाया ,उसकी हालत भूख मरने जैसी हुयी पड़ी थी।

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ऐसे ही लंगड़ाते-लंगड़ाते वह एक गुफा के पास पहुंचा। शेर को लगा शायद गुफा के अंदर उसे कोई शिकार मिल जाए ,जिसे खाकर वह अपनी भूख मिटा सके। लेकिन जब शेर अंदर गया तो गुफा खाली थी ,पर उसे इतना मालुम पड़ गया था कि गुफा में कोई जानवर जरूर रहता है। उसी जानवर के इन्तजार में शेर उसी गुफा में छिपकर बैठ गया।

उस गुफा में एक सियार(Jackal) रहता था। वह दिन भर बाहर घूमता और सूरज छिपने (sun rise) पर गुफा में आ जाता। वह सियार काफी चालाक(clever)  था और हर समय चौकन्ना रहता था। आज जब सियार अपनी गुफा में जाने लगे तो उसने गुफा के बाहर किसी बड़े जानवर के पैरों के निशान देखे ,जिससे उसे शक हो गया कि गुफा में कोई अन्य जानवर भी है।

उसने इस बात का पता लगाने के लिए कि कही गुफा में कोई अन्य जानवर तो नहीं ,एक तरकीब सोची। सियार गुफा से थोड़ी दूर गया और गुफा(Cave) को आवाज देकर बोला ,”गुफा……. । “

कुछ पल रूककर सियार फिर से बोला ,“ओ गुफा ,क्या हुआ ,आज तो बोलती क्यों नहीं ? क्या बात हो गयी ?”

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अंदर से शेर सब सुन रहा था पर बिलकुल चुप था और उसे भूख भी बहुत ज्यादा लगी हुयी थी ,वह इसी इन्जार में था कि सियार जल्द-से-जल्द अंदर आये और उसे खाकर वह अपनी भूख मिटा सके। 

सियार फिर से बोला ,” गुफा ,मैंने तुमसे पहले ही कह रखा है कि जिस दिन तुम मुझे अंदर आने के लिए नहीं कहोगी ,उसदिन मैं अंदर नहीं आऊंगा ,अगर तुम मुझे आने के लिए नहीं कहोगी, तो फिर मैं जा रहा हूँ। “

सियार की ऐसी बातें सुनकर शेर सोच में पड़ गया। शेर ने सोचा कि शायद गुफा सियार को हमेशा बुलाती ही होगी। शेर सोचने लगा कि कही सियार चले ही न जाए और उसे फिर भूख ही रहना पड़ेगा। शेर आवाज बदलकर बोला ,” नहीं नहीं ,सियार राजा ,तुम मत जाओ , अंदर आ जाओ , मैं कब से तुम्हारा ही इन्तजार कर रही थी। “

सियार ने शेर की आवाज को पहचान लिया और उसकी मूर्खता पर हंसने लगा। वह वहां से चला गया और फिर कभी भी उस गुफा में नहीं आया। बेचारा मुर्ख शेर(Foolish Lion) उसी गुफा में भूखा-प्यासा रहकर मर गया। 

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तो दोस्तों ,आपने कहानी पड़ी कि कैसे सियार ने सावधान रहकर और अपनी सूझबूझ से अपनी जान जोखिम में पड़ने से बचा ली। 

हमें भी इसी तरह हर समय सावधान रहना चाहिए। चाहे वह अपनी सुरक्षा की बात हो ,या फिर वह किसी भी काम को लेकर हो। जो व्यक्ति हर समय सतर्क रहता है ,उसके साथ कुछ भी बुरा होने के Chances 80% तक कम हो जाते है। 

अब बात आती है कि हम क्यों सतर्क रहे ,न हो हमारा कोई दुश्मन है और न ही हम किसी के अधीन है, तो हमारा कोई क्या बिगाड़ सकता है। 

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लेकिन यह सोच गलत है। सतर्क रहने का सिर्फ यही मतलब नहीं कि हमें किसी इंसान से हमें खतरा है। हम बाजार आते जाते है ,वहां भी हर समय सावधानी चाहिए कि हम सड़क की side पर तो चल रहे है ,कोई तेज गति से हमारी तरफ ही तो नहीं आ रहा। और जब हम खुद vehicle चला रहे होते है तब भी सावधानी चाहिए कि कहीं दूसरी तरफ से तेज रफ़्तार में आ रहा हो और कहीं उसकी गलती का खामियाजा हमें ही न भुगतना पड़ जाए।

तो हर समय सावधानी जरूरी है। यह बात तो हुयी अपनी जिंदगी के प्रति सावधानी की। लेकिन व्यापर में भी सावधानी बहुत जरूरी है। अब बात कहानी से थोड़ी बाहर की करते है। 

व्यापार में सावधानी इस प्रकार की अगर हम कोई भी काम करते है या फिर अपना काम आगे किसी को सौंप देते है तो सिर्फ उसी पर निर्भर न रहें बल्कि खुद भी एक बार check कर ले कि सब काम सही तो हुआ है न। क्योंकि अगर हमने काम आगे किसी worker को सौंप है तो हो सकता है वह इसको ज्यादा seriously न ले ,क्योंकि उसको अपनी तनख्वाह तक मतलब है (ऐसा हो सकता है ,जरूरी नही कि सभी ऐसे हो पर कुछ ऐसे होते भी है )। इसलिए अपना काम एक बार खुद चेक करें कि सभी काम सही हुआ हो। 

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अगर कोई Paper Work है ,चाहे आप Business Owner है ,या फिर एक Employee ,अगर आप Paper Work का  काम आगे सौंपते है तो भी सावधानी बहुत जरूरी ही कि कहीं कोई दूसरा आपसे Fraud करके आपके भोलेपन का फायदा न उठा ले और आपके साथ धोखा न हो जाए। Employee के लिए सावधानी इसलिए जरूरी है कि चाहे वो उसका अपना काम नहीं है लेकिन काम तो उसका ही है ,उसके Boss ने उसपर भरोसा करके उसे जिम्मेदारी का सौंपा है और उनका मान रखना चाहिए। वैसे भी चाहे किसी का अपना काम हो या फिर Job करता हो ,काम तो उसका अपना ही है क्योंकि उसी से वह अपने जीवन की जरूरतों को पूरा कर रहा है। 

एक बात हर एक Employee (Worker) के लिए ,“जो व्यक्ति अपना काम सच्ची निष्ठा और ईमानदारी से करता है ,जीवन में सफल भी वही होता है। “

दोस्तों आपको “जीवन में हमेशा सतर्क रहे” कहानी कैसी लगी comment करके जरूर बताये। इसमें पहले एक simple story है जो शायद आपने पहले भी सुनी हो ,लेकिन हमें इस कहानी से शिक्षा लेते हुए इसे अपने जीवन में भी उतारना चाहिए ,ताकि हम भी अपनी life की मुश्किलें को थोड़ा तो कम कर सकें और ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा कम करते करते एकदिन हम सबकी life की मुश्किलें ख़तम हो जाएंगी अगर हम बस अपनी life के प्रति जागरूक रहेंगे।






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5 thoughts on “जीवन में हमेशा सतर्क रहे (Always Be Careful In Life)”

  1. Very inspirational story….sach hai ki hame jeevan me hamesha satark rehna chaiye….aur aaj ke samay me yeh aur bhi bahut jaruri ho gaya hai….Business ho ya other koi work….hame sabhi kuch ek baar khud check kar lena chaiye…..aapka dhanyavad!

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  2. निखिल जी आपने एक से बढ़़कर एक लघु कथाएं प्रस्‍तुत की हैं। बहुत ही प्रेरणादायी हैं। बहुत पसंद आई। यूं ही लिखते रहिए।

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