भाई से बहन की मांग; सबसे unique उपहार की गुजारिश

मेरे प्यारे भाई,
समझना मत इसे सिर्फ धागा
यह तो है बंधन हमारे प्यार का
मोहताज नही यह प्यार किसी त्योहार का
लेकिन फिर भी इतनी दूरियां आ चुकी आज हम में
इसलिए यह तो है बहाना सिर्फ दिलों को मिलाने का

नही मांगती कोई उपहार मैं तुमसे
मांगती बस रक्षा तुमसे बहन की
न समझो सिर्फ मुझे ही अपनी बहन
बल्कि अगर दिखे कोई भी औरत मुश्किल में
करो हर एक की मदद
जैसे करते हो तुम मेरी मदद

मानो हर परस्त्री को अपनी बहना जैसी
ताकि मैं भी गर्व से कह सकूँ
यह भाई है मेरा, लाखों में एक जैसा
नही है इससे प्यारा मुझे कोई और
बस दुआ करदो तुम मेरी यह कबूल

लाज रखना अपनी इस बहना की
कि हर पर दिखे तुम्हे बहना जैसी

महफूज रहे सब जब
तब महफूज रह सकूँ मैं भी बिन किसी डर

है यह बंधन प्यार का
जो नही है मोहताज किसी उपहार का।

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3 thoughts on “भाई से बहन की मांग; सबसे unique उपहार की गुजारिश”

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