शनिवार, 27 अगस्त 2016

जीवन में हमेशा सतर्क रहे (Always Be Careful In Life)

जीवन में हमेशा हमें सतर्क (सावधान) रहना चाहिए, इसी पर पहले एक छोटी-सी कहानी(Hindi Story) पढ़िए फिर आगे -



नंदन वन में एक शेर(Lion) रहता था। एक बार की बात है वह जंगल में घूम रहा था ,घुमते घुमते उसके पैर में काँटा चुभ गया। काँटा चुभने के कारण शेर के पंजे में जखम बहुत गहरा हो गया और वह दौड़कर शिकार भी नहीं कर पा रहा था। शेर बहुत ही असहाय हो गया और लंगड़ाकर भी बहुत मुश्किल से चल पाता था।





वह शेर कितने दिनों से कुछ खा भी नहीं पाया ,उसकी हालत भूख मरने जैसी हुयी पड़ी थी।


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ऐसे ही लंगड़ाते-लंगड़ाते वह एक गुफा के पास पहुंचा। शेर को लगा शायद गुफा के अंदर उसे कोई शिकार मिल जाए ,जिसे खाकर वह अपनी भूख मिटा सके। लेकिन जब शेर अंदर गया तो गुफा खाली थी ,पर उसे इतना मालुम पड़ गया था कि गुफा में कोई जानवर जरूर रहता है। उसी जानवर के इन्तजार में शेर उसी गुफा में छिपकर बैठ गया।



उस गुफा में एक सियार(Jackal) रहता था। वह दिन भर बाहर घूमता और सूरज छिपने (sun rise) पर गुफा में आ जाता। वह सियार काफी चालाक(clever)  था और हर समय चौकन्ना रहता था। आज जब सियार अपनी गुफा में जाने लगे तो उसने गुफा के बाहर किसी बड़े जानवर के पैरों के निशान देखे ,जिससे उसे शक हो गया कि गुफा में कोई अन्य जानवर भी है।



उसने इस बात का पता लगाने के लिए कि कही गुफा में कोई अन्य जानवर तो नहीं ,एक तरकीब सोची। सियार गुफा से थोड़ी दूर गया और गुफा(Cave) को आवाज देकर बोला ,"गुफा....... । "



कुछ पल रूककर सियार फिर से बोला ,"ओ गुफा ,क्या हुआ ,आज तो बोलती क्यों नहीं ? क्या बात हो गयी ?"



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अंदर से शेर सब सुन रहा था पर बिलकुल चुप था और उसे भूख भी बहुत ज्यादा लगी हुयी थी ,वह इसी इन्जार में था कि सियार जल्द-से-जल्द अंदर आये और उसे खाकर वह अपनी भूख मिटा सके। 



सियार फिर से बोला ," गुफा ,मैंने तुमसे पहले ही कह रखा है कि जिस दिन तुम मुझे अंदर आने के लिए नहीं कहोगी ,उसदिन मैं अंदर नहीं आऊंगा ,अगर तुम मुझे आने के लिए नहीं कहोगी, तो फिर मैं जा रहा हूँ। "



सियार की ऐसी बातें सुनकर शेर सोच में पड़ गया। शेर ने सोचा कि शायद गुफा सियार को हमेशा बुलाती ही होगी। शेर सोचने लगा कि कही सियार चले ही न जाए और उसे फिर भूख ही रहना पड़ेगा। शेर आवाज बदलकर बोला ," नहीं नहीं ,सियार राजा ,तुम मत जाओ , अंदर आ जाओ , मैं कब से तुम्हारा ही इन्तजार कर रही थी। "



सियार ने शेर की आवाज को पहचान लिया और उसकी मूर्खता पर हंसने लगा। वह वहां से चला गया और फिर कभी भी उस गुफा में नहीं आया। बेचारा मुर्ख शेर(Foolish Lion) उसी गुफा में भूखा-प्यासा रहकर मर गया। 


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तो दोस्तों ,आपने कहानी पड़ी कि कैसे सियार ने सावधान रहकर और अपनी सूझबूझ से अपनी जान जोखिम में पड़ने से बचा ली। 



हमें भी इसी तरह हर समय सावधान रहना चाहिए। चाहे वह अपनी सुरक्षा की बात हो ,या फिर वह किसी भी काम को लेकर हो। जो व्यक्ति हर समय सतर्क रहता है ,उसके साथ कुछ भी बुरा होने के Chances 80% तक कम हो जाते है। 



अब बात आती है कि हम क्यों सतर्क रहे ,न हो हमारा कोई दुश्मन है और न ही हम किसी के अधीन है, तो हमारा कोई क्या बिगाड़ सकता है। 



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लेकिन यह सोच गलत है। सतर्क रहने का सिर्फ यही मतलब नहीं कि हमें किसी इंसान से हमें खतरा है। हम बाजार आते जाते है ,वहां भी हर समय सावधानी चाहिए कि हम सड़क की side पर तो चल रहे है ,कोई तेज गति से हमारी तरफ ही तो नहीं आ रहा। और जब हम खुद vehicle चला रहे होते है तब भी सावधानी चाहिए कि कहीं दूसरी तरफ से तेज रफ़्तार में आ रहा हो और कहीं उसकी गलती का खामियाजा हमें ही न भुगतना पड़ जाए।



तो हर समय सावधानी जरूरी है। यह बात तो हुयी अपनी जिंदगी के प्रति सावधानी की। लेकिन व्यापर में भी सावधानी बहुत जरूरी है। अब बात कहानी से थोड़ी बाहर की करते है। 



व्यापार में सावधानी इस प्रकार की अगर हम कोई भी काम करते है या फिर अपना काम आगे किसी को सौंप देते है तो सिर्फ उसी पर निर्भर न रहें बल्कि खुद भी एक बार check कर ले कि सब काम सही तो हुआ है न। क्योंकि अगर हमने काम आगे किसी worker को सौंप है तो हो सकता है वह इसको ज्यादा seriously न ले ,क्योंकि उसको अपनी तनख्वाह तक मतलब है (ऐसा हो सकता है ,जरूरी नही कि सभी ऐसे हो पर कुछ ऐसे होते भी है )। इसलिए अपना काम एक बार खुद चेक करें कि सभी काम सही हुआ हो। 


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अगर कोई Paper Work है ,चाहे आप Business Owner है ,या फिर एक Employee ,अगर आप Paper Work का  काम आगे सौंपते है तो भी सावधानी बहुत जरूरी ही कि कहीं कोई दूसरा आपसे Fraud करके आपके भोलेपन का फायदा न उठा ले और आपके साथ धोखा न हो जाए। Employee के लिए सावधानी इसलिए जरूरी है कि चाहे वो उसका अपना काम नहीं है लेकिन काम तो उसका ही है ,उसके Boss ने उसपर भरोसा करके उसे जिम्मेदारी का सौंपा है और उनका मान रखना चाहिए। वैसे भी चाहे किसी का अपना काम हो या फिर Job करता हो ,काम तो उसका अपना ही है क्योंकि उसी से वह अपने जीवन की जरूरतों को पूरा कर रहा है। 



एक बात हर एक Employee (Worker) के लिए ,"जो व्यक्ति अपना काम सच्ची निष्ठा और ईमानदारी से करता है ,जीवन में सफल भी वही होता है। "





दोस्तों आपको "जीवन में हमेशा सतर्क रहे" कहानी कैसी लगी comment करके जरूर बताये। इसमें पहले एक simple story है जो शायद आपने पहले भी सुनी हो ,लेकिन हमें इस कहानी से शिक्षा लेते हुए इसे अपने जीवन में भी उतारना चाहिए ,ताकि हम भी अपनी life की मुश्किलें को थोड़ा तो कम कर सकें और ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा कम करते करते एकदिन हम सबकी life की मुश्किलें ख़तम हो जाएंगी अगर हम बस अपनी life के प्रति जागरूक रहेंगे।



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गुरुवार, 18 अगस्त 2016

रक्षा बंधन पर विचार (Raksha Bandhan Quotes In Hindi)

भाई-बहन के प्रेम  में तो बयान नहीं  किया जा सकता लेकिन फिर भी प्यार को जताने के लिए कुछ शब्दो की जरूरत होती ही है। ऐसे ही कुछ शब्द ,विचार (Quotes) यहाँ पर दिए गए है जिसे आप अपने भाई-बहन को अपनी तरफ से प्यार जाहिर करने के लिए उनके साथ शेयर कर सकते है। आपको share करने में दिक्कत न आये इसलिए ही इन्हें Pictures के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिसे आप आसानी से download करके share कर सकते है और शेयर करने में आपको भी अच्छा लगे और अपनी प्यारी बहन या अपने प्यारे भाई को जब आप भेजे तो उन्हें भी पसन्द आये।  



आप सभी लोगों को रक्षा बंधन की हार्दिक बधाई 



विचार पढ़ने से पहले एक विचार जो सभी भाईयो को अपनी बहनों के सम्मुख लेना चाहिए और सभी बहनों को भी अपने भाईयों से उपहार स्वरूप मांगना चाहिए (Gift For Sister) . वह यह कि सभी भाईयो को वचन लेना चाहिए कि अगर कभी भी वह किसी भी लड़की को मुसीबत में देखें तो वो उनकी मदद जरूर करेंगे क्योंकि मुसीबत किसी पर भी आ सकती है और समय का क्या भरोसा कभी उन पर भी आ जाये ,क्योंकि जिन पर मुसीबत आती है वह भी किसी की बहन ही होती है और अगर सभी भाई यह वचन ले लेंगे कि वह हमेशा हर एक मुसीबत में पढ़े हुयी की मदद करेंगे तो  लड़की असुरक्षित नहीं रहेगी और हमारा देश भी असुरक्षित नहीं रहेगा। तो सभी आज वचन ले कि जो भी हो जाये अगर कभी कोई लड़की मुसीबत में दिखे तो उसकी मदद जरूर करेंगे क्योंकि वह भी तो किसी की बहन है और उसका भाई भी चाहता होगा कि उसकी बहन पर कोई मुसीबत न आये। 


अगर सभी ऐसा वचन ले लेंगे तो भारत की हर लड़की आसानी से बाहर निकल पायेगी और अपनी जिंदगी खुशियों से जी पायेगी।  



अब पढ़िए  रक्षा बंधन के अवसर पर कुछ श्रेष्ठ सुविचार




भाई-बहन कितने भी दूर क्यों न हो लेकिन रक्षा-बंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार उन्हें फिर से पास ले ही आता है।





मेरी बहन के पास दुनिया का सबसे अच्छा भाई है।




मेरे भाई के पास दुनिया की सबसे अच्छी बहन है।





क्योंकि मेरे पास एक भाई है ,इसलिए मेरे साथ हमेशा एक सच्चा मित्र रहेगा।





सबसे बड़ा उपहार जो मेरे माता-पिता ने मुझे दिया वह है मेरा भाई।





भाई और बहन एक दूसरें के दिल को बहुत अच्छे से जानते है कि एक दूसरें के दिल में क्या है ?





भाई और बहन के बीच का प्यार सबसे अनमोल है और उसे समय भी कभी नहीं ख़तम कर सकता।





भाई से बेहतर कोई भी मित्र नहीं हो सकता।





मेरे  प्यारे भाई , आज इस रक्षा बंधन के मोके पर मैं आपसे कहती हूँ कि आप दुनिया के सबसे अच्छे भाई है।





मैं भगवान का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने मुझे प्यारी-सी बहन तोहफे के रूप में दी।





मैं भगवान का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने मुझे प्यारा-सा भाई तोहफे के रूप में दिया।





फूलों का तारों का सबका कहना है ,एक हज़ारों में मेरी बहना है।





बहन होने से बढ़िया इस दुनिया में कुछ और हो ही नहीं सकता।





बहनें किस्मत वालों को ही मिलती है और मैं सबसे अधिक किस्मत वाला हूँ कि मुझे तुम जैसी बहन मिली।





दुनिया में बहन से बेहतर कोई दोस्त नहीं और तुमसे बेहतर कोई बहन नहीं।





अच्छे मित्र आएंगे और चले जाएंगे , लेकिन एक बहन हमेशा मित्र के रूप में साथ देती है।






मैं पूरी दुनिया में सबसे अधिक प्रेम अपनी बहन से करता हूँ।





मेरी बहन भगवान की भेजी हुयी नन्ही-सी परी है।





मेरी बहन से लड़ने का अधिकार सिर्फ मुझे है।





मेरी बहन दुनिया की सबसे अच्छी बहन है।





मेरा भाई दुनिया का सबसे अच्छा भाई है। 




दोस्तों, आप सभी लोगों से अंत में इतना ही कहना चाहूंगा की रक्षा बंधन के इस अवसर पर हर एक बहन की मदद करने का प्रण ले ताकि आपकी और मेरी बहनें जब कभी भी घर से बाहर निकलें तो वह अपने आप को असुरक्षित न समझे ,उन्हें हमेशा यह एहसास हो कि उनका भाई उनके ही साथ है। अगर सभी ऐसा करने लग जाए तो मुझे पूर्ण विश्वास है कि जल्द ही भारत ऐसा देश फिर से बन जाएगा जिसमे लड़कियो,औरतों को देवी का दर्जा मिला हुआ था जोकि अब नहीं रहा हुआ है। अगर आप चाहते है फिर से ऐसा बन जाए तो इस बात पर अमल जरूर कीजियेगा। 


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शनिवार, 13 अगस्त 2016

आज़ादी की सांस (Breath Of Freedom)

आज हम जिस तरह से खुले में सांस ले पाते है और अपनी मन मर्जी से सब कुछ करने में समर्थ है ,इसमें हमारे देश के शहीदों की बहुत ही अहम भूमिका है। 15 August ,1947 का दिन हर एक भारतीय के लिए गौरव  की बात है।  इस दिन हमारा देश आज़ाद (Independent Day) हुआ  ,  हर एक भारतीय ने आजादी की सांस ली।


 

आज़ादी की सांस ? (Breath Of Freedom)








आज़ादी की सांस एक ऐसा शब्द है जो हम जैसे लोग जोकि आज़ादी के बाद जन्मे है ,शायद ही समझ सके। हम कह तो देते है हम आज़ाद हुए ,लेकिन इस आज़ादी की अहमियत शायद हम लोग नहीं समझते और शायद समझना भी नहीं चाहते। आज़ादी का सही-सही अर्थ तो उन्हें ही मालुम होगा ,जिन्होंने गुलामी देखी है , जो जानते है गुलाम होने का मतलब क्या होता है ? जिन्होंने देखा और सहन किया था कि अंग्रेजी हकूमत के सामने जितना भी बोल लो ,उन्होंने हमारी कोई बात नहीं माननी और अपनी ही मनमानी करनी है। उन्होंने किसी को भी जेल में बंद कर देना और किसी को भी गोलियों से भून डालना और उन पर सवाल-जवाब करने वाला कोई भी शक्श नहीं।



लेकिन अधीनता किसे पसन्द होती है ? किसी को भी नहीं। तो हम कैसे अधीनता स्वीकार करते। भारतीय तो वैसे भी किसी के अधीन रहने के लिए पैदा ही नहीं हुए। मौत को गले लगा लेंगे ,लेकिन अधीनता किसी भी  हालत में स्वीकार नहीं।



ऐसे ही कुछ भारत माता (Bharat Mata) के सपूत हुए ,जिन्होंने अंग्रेजों के जुल्मों के खिलाफ आवाज  ही नहीं उठायी बल्कि उनका जीना भी बेहाल कर दिया। ऐसे बहुत से वतन प्रेमी हुए ,जिन्होनें अपनी देश की भूमि के लिए अपने प्राण हँसते-हँसते न्यौछावर कर दिए ,सिर्फ और सिर्फ इसलिए की उनके देश की भूमि किसी अन्य के अधीन न रहे और आजाद (Independent) हो सकें। 



भारत देश को आजादी दिलाने वाले ऐसे ही भारत माता के तीन वीर पुत्रों के बारे में बताना चाहूंगा ,जिनका नाम हमेशा-हमेशा के लिए भारत के इतिहास और वीरों की शहादतों में अमर है।




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शहीद भगत सिंह (Shaheed Bhagat Singh Biography In Hindi)









भारत की आजादी के वीरों ,शहीदों में भगत सिंह का नाम किसे न मालुम होगा। उनके अंदर देश भक्ति की भावना इतनी गहरी थी कि आप इसी बात से अंदाजा लगा सकते है जब एक बार उनकी माँ उन्हें विवाह करके दुल्हन लाने के लिए कहती है तो भगत सिंह का जवाब था , "माँ मेरी दुल्हन तो आज़ादी है ,वही मुझे चाहिए। "



यह था भारत माता का एक सच्चा वीर सपूत ,जो यौवनावस्था में ही मर-मिटने को तैयार था और मात्र 23 साल की उम्र में भगत सिंह भारत माता की आज़ादी के लिए संघर्ष करते हुए फांसी को चूम लिया और भारत माता के लिए शहादत दे दी।



फांसी मिलने से पहले के वक्त भी यह बेखोफी से "इन्कलाब जिन्दाबाद" के नारे लगाते रहे।



भगत सिंह के साथ-साथ इनके साथियों सुखदेव (Sukhdev) और राजगुरु (Rajguru) को भी नहीं भुलाया जा सकता ,इन तीनो ने हँसते-हँसते फांसी के फंदे को चूम और इन्हें भरोसा था कि इनकी क़ुरबानी युवाओ में क्रान्ति की आग पैदा करेगी ,जिससे हमारा यह वतन आज़ाद हो जाएगा और सभी लोग स्वतंत्रता से जीवन जी सकेंगे। और हुआ भी ऐसा ही ,इनकी शहादत ने भारत देश के युवाओं में क्रान्ति की भावना पैदा कर दी और सभी ने आजादी के लिए संगर्ष तेज कर दिया जिसके फलस्वरूप आज हम आजादी की साँसे ले रहे है।



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मंगल पांडेय (Mangal Pandey)




ऐसे ही एक स्वतंत्रता सेनानी ,भारत माता के वीर पुत्र मंगल पांडेय हुए। स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम इन्होंने ही अंग्रेजो के विरुद्ध छेड़ा था। उस समय अंग्रेजी हकूमत भारत पर भारी पड़ रही थी और सारा भारत अंग्रजो की बात मानने को मजबूर था।



मंगल पांडेय भी अंग्रेजी फ़ौज में ही थे ,क्योंकि उस समय भारत की सरकार अंग्रेज ही थे। अंग्रेज भारतियों के लिए एक नयी बन्दूक एनफील्ड पी.53 (Enfield P. 53 ) लाने वाले थे, जिसको चलाने से पहले कारतूस को मुँह से छीलना पड़ता था और सभी सिपाहियों में यह बात फ़ैल गयी कि कारतूस को बनाने में गायें और सूअर के मांस का प्रयोग हुआ है।



हिन्दू लोग गायें को माता मानते थे और पूजते थे (अभी भी मानते और पूजते है) और मुस्लिम लोग सूअर को नापाक जानवर मानते है। फ़ौज में सिपाही थे भी मुस्लिम या फिर हिन्दू ब्राह्मण।



हिन्दू और मुसलमान दोनों धर्मों के लोग समझ चुके थे कि अंग्रेज भारतियों के धर्मों को भ्रष्ट करना चाहते है।



भारतीय सैनिकों को जब नये कारतूस बांटे जा रहे थे तब मंगल पांडेय ने इन्हें लेने से मना कर दिया। इसके परिणामस्वरूप उसकी वर्दी छीनने और हथियार छीनने का आदेश दे दिया गया। जब अंग्रेजी अफसर उसकी वर्दी उतरवाने को आ रहा था तो मंगल पांडेय ने उस अंग्रेज अफसर पर ही हमला कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गयी। एक अन्य अंग्रेज अफसर भी मंगल पांडेय को पकड़ने आ रहा था ,परन्तु मंगल पांडेय ने उस पर भी गोली चला दी ,जिससे उसकी भी मौत हो गयी।



मंगल पांडेय की बगावत के कारण अंग्रेजी शासन ने उसे फांसी की सजा सुनाई। उस समय मंगल पांडेय बैरकपुर में था और उसे फांसी देने के लिए कोई भी जल्लाद न माना। तो अंग्रेजों ने कोलकाता से जल्लाद मंगवाए लेकिन उन्हें यह न बताया गया कि किसे फांसी देनी है। 8 अप्रैल ,1857 ई. को मंगल पांडेय को फांसी पर लटककर भारत माता के लिए शहीदी को प्राप्त हुआ, उस समय इनकी उम्र सिर्फ 29 वर्ष की थी।



इनके  बारे में एक और बात भी आती है कि अंग्रेजी अफसरों ने इनको फांसी की तारीख से 10 दिन पहले ही फांसी दे दी थी ,इनको फांसी देने की तिथि 18 अप्रैल ,1957 तय हुयी थी पर अंग्रेजो ने इन्हें 8 अप्रैल ,1957 को ही फांसी दे दी ,जिससे यह बात साबित होती है कि अंग्रेजी फ़ौज के लिए इन्हें जीवित रख पाना बहुत मुश्किल होता जा रहा था।



मंगल पांडेय ही सर्वप्रथम भारत माता के सपूत थे ,जिन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आवाज उठायी थी। इनके बाद आजादी का बिगुल बहुत से क्रांतिकारियों ने बजा दिया।



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चंद्रशेखर आज़ाद (Chandrashekhar Aajad)









ऐसे ही भारत माता के वीर सपूतों में से एक चंद्रशेखर आज़ाद भी थे।



बात लगभग 1921 ई. की है जब चंद्रशेखर आजाद की उम्र मात्र 14 साल की थी और गांधी जी के साथ असहयोग आंदोलन में हिस्सा लेने के कारण इन्हें पकड़ लिया गया था। जब इन्हें जज के सामने पेश किया गया और उन्होंने इनका और इनके पिता का नाम पूछा तो इन्होंने अपना नाम "आजाद" बताया और "स्वतंत्रता" को अपना पिता और "जेल" को अपना घर बताया। इनकी इस बात से आक्रोशित होकर जज ने इन्हें 15 कोड़े मारने की सजा सुनाई। हर एक कोड़ा पड़ने पर यह "भारत माता की जय" बोलते गए।



जब गाँधी जी ने असहयोग आंदोलन बंद कर दिया तब यह गर्म दल के सदस्यों के साथ मिल गए और जान गए कि भारत माता की भूमि को शांत रहकर आजाद नहीं कराया जा सकता ,इसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा



गर्म दल के सदस्यों के साथ मिलकर इन्होंने बहुत से आंदोलनों में भाग लिया और अंग्रेजी हकूमत का जीना मुश्किल कर दिया।



27 फरवरी ,1931 का दिन था, चंद्रशेखर अपने साथी सुखदेव राज के साथ "अल्फ्रेड पार्क" में बैठे हुए थे। अंग्रेजी पुलिस के किसी मुखबिर ने उन्हें सुचना दे दी कि आजाद इस पार्क में है। पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद को घेर लिया और पुलिस की एक गोली आजाद की जांघ पर लगी ,लेकिन आजाद ने अपने आप को संभाल लिया और पेड़ की तरफ हो गए अपनी सुरक्षा करने के लिए ,जिस तरफ से गोली आयी थी ,इन्होनें उधर ही गोली चलाई और एक ही गोली से वह पुलिस वाला  मर गया। आज़ाद ने अपने साथी को वापिस भेज दिया और बहुत ही बहादुरी से अंग्रेजो के साथ अकेले लड़ रहे थे और बहुत से अंग्रेजों को मार भी दिया था। इनकी पिस्तौल में केवल एक गोली बची थी और इन्होंने अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार होने से बेहतर खुद को गोली मारना समझ और शहीद हो गए। किसी भी अंग्रेज में इतना दम नहीं था कि इन्हें अपनी गोली से शहीद कर पाता। पर भारत माता के वीर पुत्र ने उनके हाथ आने से बेहतर मौत समझी और भारत माता के लिए बलिदान देते हुए खुद को गोली मार ली।



तब इनकी उम्र मात्र 24 वर्ष थी।



उपरोक्त मैंने भारत माता के सिर्फ तीन वीर पुत्रों का संक्षिप्त वर्णन किया है , सैंकड़ो ,हज़ारों भारत माता के वीर पुत्र हुए जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए अपनी ज़िन्दगी की परवाह नहीं की और इस धरती की आज़ादी के लिए बलिदान दे दिया सिर्फ इसलिए कि सभी लोग आजादी की सांस ले सकें।



न जाने कितने ही वीर पुत्र होये होंगे उस समय भारत माता के ,जो छोटे होते से ही अपनी माता के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने को तैयार थे।



हम कहते है कि हम लोग आजाद है ,लेकिन शायद हम आजादी का सही-सही अर्थो में मतलब नहीं समझते। असल मतलब तो आज़ादी का उन्ही लोगों को मालुम था जो गुलामी सहन कर के गए और गुलाम होते हुए भी कभी गुलाम नहीं रहे बल्कि गुलामी की जंजीरों को तोड़कर सभी को आजाद कराया और अपना नाम इतिहास के पन्नों में अमर कर गए।



ऐसे भारत माता के वीर पुत्रों के बलिदान को हम कभी भी नहीं भुला सकते। इन्हीं के बलिदान के कारण आज हम खुले में आजादी की सांस ले रहे है।



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आजादी का मतलब कैसे जाने ? (How To Know The Meaning Of Freedom)



अगर  कभी कोई आजादी का मतलब बिलकुल ही भूल जाए और जानना चाहे की आजादी कहते किसको  बस एक या दो दिन...... चलो एक ही दिन बहुत है , बस एक दिन एक कमरे में अपने आप को बन्द कर ले और कमरा बंद बाहर से हो ,एक दिन ऐसे रहकर महसूस कर लेना और फिर कोई भी जान जाएगा की आजादी कहते किसको है। क्योंकि कमरा होगा भी बाहर से बंद और खोल सकेंगे नहीं ,तभी समझ सकेंगे की कैद क्या होती है और आजादी क्या। 


आजादी का अधिकार (Right Of Freedom)




दुनिया में प्रत्येक जीवित जीव ,चाहे वो इंसान हो या जानवर सभी को आजाद रहने का अधिकार है। मेरी आप सभी लोगों से एक गुजारिश है अगर आप में से कोई या आपका कोई परिचित किसी भी पक्षी को बांधकर या पिंजरे में कैद रखता है तो कृपा उसे भी आप समझाइये ,अगर हमें ही सिर्फ एक दिन कमरे में बंद रहने से तकलीफ हो सकती है तो पक्षियों को कितनी ज्यादा तकलीफ होती होगी ? कभी सोचियेगा। क्योंकि मनुष्य तो सिर्फ चल ही सकता है और पक्षी खुले आसमान में कही भी जा सकता है ,पर अगर उसे सिर्फ एक छोटे से पिंजरें में कैद किया जाए तो उसके लिए उसका जीवन कैसा होगा ? उन बेजुबानों का दर्द भी हमें समझना चाहिए और ऐसे कुकृत्य से दूर ही रहना चाहिए और दूसरों को भी ऐसा न करने के लिए प्रेरित करना चाहिए ,क्योंकि हम सभी है तो एक ही परमात्मा की रचना। 


आजादी को बरकरार कैसे रखें ( Our Duties Towards Our Nation)




ऊपर थोड़ी-सी बात मैं जीवों के साथ भी प्रेम के व्यवहार पर ले गया था ,क्योंकि यह भी जरूरी है । अब बात हम हमारी ही आजादी की करते है कि हम इसे बरकरार कैसे रख सकते है। 



हमारे देश की आजादी के लिए हज़ारों लोगों ने बलिदान दिया जिनकी गिनती नहीं की जा सकती। उनका बलिदान का असल मकसद यही था कि भारत भूमि आजाद हो और इस देश के लोग आजादी से रह सकें। दूसरों को आजाद कराने के लिए उन्होंने अपने बलिदान दे दिए। अपनी जान किसको नहीं प्यारी होती ? लेकिन भारत माता के वीर पुत्रों ने बाल्यावस्था में ही भारत माता को अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया और सभी सुखों को छोड़कर दुखों का रास्ता चुना सिर्फ और सिर्फ इसलिए कि भारत माता की धरती आजाद हो सकें और वहां के नागरिक स्वतंत्र रहे। 



सभी शहीदों की कुर्बानियों को हमें हमेशा याद रखना चाहिए और यह भी याद रखना चाहिए कि उन्होंने कैसे हम लोगों को आजाद कराया और उनकी इन कुर्बानियों को व्यर्थ न जाने देते हुए हमारे भी कुछ कर्तव्य है ,जिनका हमें पालन करना चाहिए -



  • हमें कभी भी कोई ऐसा कार्य (Work) नहीं करना चाहिए जिससे देश को नुक्सान (Harm) हो।  कभी भी देश की सम्पति (Assets) को नुक्सान नहीं पहुंचाना चाहिए। 




  • हमें देश के प्रति वफादार (Loyal) रहना चाहिए। अगर कोई भी व्यक्ति देश की सेवा के लिए एक जिम्मॆदार ओहदे पर है तो उसे अपनी इस Post और अपनी Duty को पूरी निष्ठा (Loyality) से निभाना चाहिए और कभी भी ऐसा कार्य (work) नहीं करना चाहिए जिससे देश को नुक्सान हो सकें। 




  • देश की सम्पति हमारी सम्पति है ,इसी सम्पति से सरकार हमारे लिए सुविधाएं उपलब्ध कराती है। देश की सम्पति को किसी भी प्रकार से नुक्सान नहीं पहुँचाना चाहिए। मुझे बहुत दुःख से साथ लिखना पड़ रहा है कि बहुत से लोग इस बात को समझते ही नहीं। कई बार ऐसी घटनाएं सुनने में आती है जिसमे लोग देश की सम्पति को नुक्सान पहुंचाते है वो भी इसलिए कि कहते है की हमारी (उन लोगों की) मांगें पूरी की जाएँ जोकि एकदम गलत बात है। एक तो इसी देश से मांगें मांग रहे है और इसी देश की सम्पति को नुक्सान ? जिस सम्पति को ऐसे कुछ हिंसक लोग नुक्सान पहुंचाते है ,क्या कभी सोचा की अगर नुक्सान न पहुंचाया होता तो जो उन्होंने सैंकड़ो करोड़ रुपयों का नुक्सान किया वो उन्ही पर खर्च होना था और उससे उनकी ही भलाई होनी थी । 




लोग कहते है कि सरकार हमारे लिए करती क्या है ,कभी किसी 
सरकारी हस्पताल में जाकर देखना की कितना सस्ता इलाज करते है और फीस भी बिलकुल नाम-मात्र। कई बार तो हस्पतालों में ऐसे मरीज भी होते है ,जिनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं है लेकिन फिर भी वह सरकारी हस्पताल में है। 


एक और बात मैं मानता हूँ कि कुछ जगह हालत बहुत बुरी है और 
कई बार डॉक्टर मरीजों की बात नहीं सुनते ,लेकिन इसमें गलती देश की या सरकार की नहीं बल्कि उस एक डॉक्टर की है जो सुन नहीं रहा तो आप उसकी complaint कर सकते है। एक और बात जो आज-कल media और social media ने सबसे आसान कर दी है ,complaint अगर वहां नहीं करनी ,तो सभी लोगों के सामने उसे ले आईये ,जिससे  सबक मिल सकें और भारत देश की सेवा के नाम पर ढोंग करने वाले अपनी असली जगह जा सकें।


  • एक और सबसे महत्वपूर्ण बात ,आजादी को बरकरार रखने के लिए कभी भी जूठी अफवाहों में न आएं और अपने खुद के दिमाग का भी थोड़ा प्रयोग कर ले ,क्योंकि कुछ लोग होते है जो social media पर आयी कुछ अफवाहों को असली समझ लेते है और आगे की आगे बढ़ाते रहते है ,जिससे यह एक बहुत बड़ा खतरा भी बन सकती है। 



(नोट : उपरोक्त विचार पूर्ण-रूप से मेरे अपने है ,अगर किसी को कहीं पर मैं गलत लगूं तो आप comment करके बता सकते है। )



दोस्तों अंत में मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि हम आजादी की कीमत का अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि कितनी मुश्किल से भारत माता के वीर पुत्रों ने अपनी कुर्बानियां देकर हमें आजादी दिलाई है और इस आजादी को बरकरार रखने और अपने देश की गरिमा को बनाये रखने के लिए हमें ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जो इसकी शान में कमी आने दे। अगर हम सब लोग अपने-अपने स्तर पर ही सही बन जाए और अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाये तो वो दिन दूर नहीं जब भारत पूरी दुनिया में सबसे महान देश बन जाएगा क्योंकि यहाँ की संस्कृति ,सभ्यता और विचार तो बहुत अच्छे है लेकिन कुछ लोग ही इसे विगाड़ रहे है अगर वह भी सुधर जाएँ तो मेरा भारत ,आपका भारत ,हम सबका भारत देश सबसे महान देश होगा।






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भारतीय फ़ौज (Indian Army)









उस समय बहुत से लोगों ने अपना बलिदान देकर भारत देश को आजाद कराया लेकिन  अभी भी ऐसे लोग है जो अपने देश की आजादी को बरकरार रखने के लिए अपनी जान की बाजी तक लगा देते है। उन वीर सैनिकों के कारण ही आज भी हम आजादी की सांस ले रहे है। मैं अपने देश के सिपाहियों का बहुत आभारी हूँ जो वीर जवानों की कुर्बानियों को व्यर्थ न जाने देते हुए आज भी निष्काम भाव से अपनी जान पर खेलकर मातृ भूमि की रक्षा करते है और समस्त भारत देश के वासियों को अपना परिवार मानते हुए हर एक की मदद के लिए तत्पर रहते है। जरूरत पड़ने पर अपनी जान तक भी न्यौछावर कर देते है।





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कुछ बातें जो सभी को कहनी चाहिए







मेरा भारत महान
गर्व से कहो हम भारतीय है
जय हिन्द
जय भारत माता की
भारत माता के वीर पुत्रों की जय हो



दोस्तों आपको यह रचना कैसी लगी ,आप comment करके जरूर बताईयेगा। इसमें मैंने सबसे पहले आजादी के बारे में लिखा फिर भगत सिंह , मंगल पांडेय और चंद्रशेखर आज़ाद के बारे में थोड़ा-बहुत वर्णन किया जिनकी कुर्बानियों को हम भुला नहीं सकते। इनका विस्तृत वर्णन भी अलग से जल्द ही करूँगा। और उसके बाद हमारे देश के प्रति कर्तव्यों के बारे में बताया। इस सभी बातों के साथ-साथ हमें भारतीय फ़ौज को भी नहीं भूलना चाहिए जो हमारे लिए हर समय border पर रहकर हमारी रक्षा करती है। यह रचना कैसी लगी जरूर बताईयेगा अगर पसन्द आयी तो अपने दोस्तों के साथ Facebook , Google Plus , Whatsaap , Hike , JioChat आदि पर share करना न भूलें। 



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शनिवार, 6 अगस्त 2016

दोस्ती दिवस पर विचार (Friendship Day Quotes In Hindi)

Friendship Day के अवसर पर दोस्ती पर कुछ महान लोगों के विचार।






"जिंदगी का सबसे बढ़ा तोहफा दोस्ती है , और मैंने उसे पा लिया है।"
 Hubert H. Humphrey






"सबसे बड़ा उपचार मित्रता और प्यार है।"
Hubert H. Humphrey






"दोस्ती में सबसे ख़ास बात यह है कि आप उसे समझे और वह आपको समझे।"
Lucius Annaeus Seneca






"रोशनी में अकेले घूमने से बेहतर ,अँधेरे में दोस्त के साथ घूमना है।"
Helen Keller







"दुनिया में सच्ची दोस्ती से ऊपर कोई भी तोहफा नहीं है।"
Thomas Aquinas






"एक दोस्ती जो व्यापर से शुरू हुई हो उसकी तुलना में वह व्यापर अधिक अच्छा है जो दोस्ती से शुरू हुआ हो।"
 John D. Rockefeller





"दोस्ती मीठा कर्तव्य है ,न की अवसर।"
Khalil Gibran






"दोस्त वह है ,जिसे दिल हर समय चाहता है।"
Henry Van Dyke







"एक मित्र वह है जो आपको पूर्ण स्वतंत्रता देता है , जो आप है वही बनने में।"
Jim Morrison






"सच्चा प्यार मिलना दुर्लभ है पर सच्चा मित्र मिलना अति दुर्लभ है।"
Jean De La Fontaine






"मेरे पीछे मत चलना मैं नेतृत्व नहीं करूँगा। मेरे आगे मत चलना मैं पालन नहीं करूँगा।  बस मेरे साथ चलो और मेरे मित्र बने रहो।"
Albert Camus






"मेरा सच्चा मित्र वह है ,जो मेरे अंदर से सबसे बेहतर क्षमताओ को बाहर निकाले।"
Henry Ford






 "मेरा सबसे अच्छा मित्र वह है जो मेरे भले के लिए दुआयें मांगे।"
Aristotle






"प्यार अँधा होता है ,लेकिन मित्रता अपनी आँखें बंद कर लेती है।"
Friedrich Nietzsche






"मित्र और अच्छे संस्कार आपको  वहाँ लेकर जा सकते है, जहाँ पैसा नहीं लेकर जा सकता।"
Margaret Walker






"मित्र बनाये नहीं जाते , पैदा होते है।"
Henry Adams






"आपके दिल में एक चुम्बक है जो सच्चे दोस्तों को आपकी तरफ आकर्षित करती है। वह चुम्बक आपके निस्वार्थ भाव ,दूसरों के बारे में अपने से पहले सोचना है। जब आप दूसरों के लिए जीना सीख जाएंगे ,वह आपके लिए जियेंगे।"
Paramhansa Yogananda






"ऐसे व्यक्ति के साथ मित्रता नहीं करनी चाहिए जो आपसे ऊंचा या निचा हो क्योंकि ऐसी मित्रता आपको ख़ुशी नहीं दे सकती।"
Aacharya Chanakya






"मैं अपने मित्र के लिए सबसे अधिक यही कर सकता हूँ कि उसका मित्र बना रहूँ।"
Henry David Thoreau






"पुराना मित्र बनाने में काफी समय लग जाता है।"
John Leonard






"जो दोस्ती ख़तम हो जाए , वह कभी सच्ची दोस्ती थी ही नहीं।"
St. Jerome






"एक सच्चा मित्र आपके रास्ते में तब तक नहीं आएगा जब तक कि आप गलत रास्ते पर न जा रहे हो।"
Arnold H. Glasow 




दोस्तों आपको Friendship Day Quotes In Hindi कैसे लगे comment करके अपनी राय जरूर दे।  अगर आपको यह पसन्द आये है तो Facebook , Google , Whatsapp ,Twitter आदि पर अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। आप इन Quotes की Pics download करके भी अपने दोस्तों के साथ आसानी से share कर है। 

शुक्रवार, 29 जुलाई 2016

पोकेमोन गो से रहे सावधान (Beware From Pokemon Go)

दोस्तों , Gaming की दुनिया में तहलका मचाने वाली Game Pokemon Go का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह एक ऐसी game है ,जो अपने आप में एक अलग ही दुनिया की आपको सैर करा देगी। यह गेम Augmented
Reality पर आधारित है ,जो Camera ,GPS और Internet की मदद खेली जाती है। इस Game को Niantic Labs द्वारा बनाया गया है।





Pokemon Go से होने वाले खतरों के बारे में जानने से पहले पोकेमोन गो के बारे में थोड़ा-सा जान ले।


पोकेमोन गो के बारे में कुछ रोचक तथ्य (Interesting Facts About Pokemon Go In Hindi)



  • पोकेमोन गो गेम 6जुलाई,2016 को release हुयी थी और महज 7 दिनों में 1 करोड़ (1,00,00,000) से भी ज्यादा लोगों द्वारा download की गयी और 19 दिनों में ही पाँच करोड़ (5,00,00,000)से भी ज्यादा लोगों  द्वारा download की गयी जिससे यह game downloading का एक महान record बन गया है और अब 75 करोड़ का आंकड़ा भी पर कर चुकी है। 

  • पोकेमोन गो गेम ने Candy Crush Saga और Clash Royale जैसी सबसे ज्यादा खेली जाने वाली games को भी पीछे छोड़ दिया है।
 
  • SensorTower के अनुसार IPhone चलाने वाला व्यक्ति दिन में औसतन 33 minutes 25sec पोकेमोन गो खेलने में लगाता है जबकि Facebook के इस्तेमाल पर 22 minutes 8sec ,Snapchat पर 18 minutes 7sec,Twitter पर 17 minutes 56sec और Instagram पर 15 minutes 15sec का समय देता है। (यह आंकड़े U.S. पर आधारित है )
 
  • Nintendo जोकि इस game को बनाने वाली partner company है ,उसके shares के price एक हफ्ते में ही double हो गए सिर्फ इस game की वजह से। 


कैसे खेलते है पोकेमोन गो गेम (How To play Pokemon Go Game In Hindi)



यह Game ,Android या फिर Iphone फ़ोन के माध्यम से ही खेली जा सकती है जिसमे आपके phone का कैमरा, GPS और इन्टरनेट का भी इस्तेमाल होगा। Game खेलने के लिए आपको खुली जगह की जरूरत है क्योंकि इस गेम को खेलने के लिए आपको साथ साथ चलना भी पड़ता है। Game जब download करने के बाद install करलेंगे और open करेंगे तब सबसे पहले आपको गेम खेलने के लिए एक आसान-सा account बनाना पड़ेगा जो आप google account के साथ sign up करके आसानी से बना सकते है। 


Game में आपको Pokemons को पकड़ना है ,आपकी गेम अपने आप में एक अलग ही दुनिया है ,जैसे हम real world में घुमते है वैसे ही गेम में भी घूमना तो real world में ही है पर आपको आपके mobile phone में कैमरा के इस्तेमाल से pokemons दिखेंगे जिन्हें आपको पकड़ना है। जैसे जैसे आप pokemons को पकड़ते जाएंगे वैसे वैसे आपका level भी बढ़ता जाएगा।



किन-किन देशों में पोकेमोन गो लांच हो गयी (Countries In Which Pokemon Go Launched )

 

दोस्तों पोकेमोन गो गेम अभी सभी देशों में लांच भी नहीं हुई फिर भी यह सबसे मशहूर Games में से एक हो गयी है।  जिन देशों में Pokemon Go Officially Launched हो गयी उनके नाम -

  • Australlia
  • Austria
  • Bulgaria
  • Belgium
  • Canada
  • Croatia
  • Cyprus
  • Czech Republic
  • Denmark   
  • Estonia
  • Finland
  • France
  • Germany
  • Greece
  • Greenland
  • Hong Kong
  • Hungary
  • Iceland
  • Ireland
  • Italy
  • Japan
  • Latvia
  • Lithuania
  • Luxembourg
  • Malta
  • The Netherlands
  • Norway
  • Poland
  • Portugal
  • Romania
  • Slovakia
  • Slovenia
  • Spain
  • Sweden
  • Switzerland
  • United Kingdom
  • United States  

नोट : यह जानकारी 29 जुलाई ,2016 तक की है।


आपको बता दे कि यह game अभी तक भारत में नहीं launch हुई लेकिन फिर भी आप इसे आसानी से internet पर search करके download कर सकते है।


पोकेमोन गो से रहे सावधान (Beware From Pokemon Go)



Pokemon Go se rahe Saavdhaan . दोस्तों ,पोकेमोन गो गेम खेलने में  जितनी मज़ेदार है इसे खेलने में उससे भी कही ज्यादा अधिक खतरा है। जैसा की बताया है pokemon go को खेलने के लिए हमे चलना भी पड़ता है ,तो इसी चलने में  बहुत से लोगों के accidents हो जाते है। दुनिया भर Pokemon Go से accidents होने की बहुत-सी खबरे आ रही है। कुछ लोग तो कार में बैठकर भी pokemons को ढूंढने के लिए निकल जाते है और अंजाम देते है दुर्घटना को। दुनिया भर में pokemon go game ko khelne se hone wale kuch accidents की जानकारी मैं आपके साथ share करने लगा हूँ।



  • पुणे में 23 जुलाई की रात को कुछ कॉलेज में पढ़ने वाले लड़के पोकेमोन गो खेलते खेलते सड़क पर आ गए और बड़ी दुर्घटना का शिकार होत-होते बाल-बाल बचे। सामने से गाड़ी आ रही थी और रात को सड़क पर लड़के अपनी मस्ती में पोकेमोन गो खेल रहे थे। लेकिन Car Driver की समझदारी के कारण दुर्घटना होने से बच गयी और police वालों ने लड़कों को समझाकर वापिस भेज दिया।

 
  • यह गेम लुटेरों के भी काफी काम आ रही है। बात UK के Missouri की है ,कुछ लुटेरो ने पोकेमोन गो गेम के द्वारा एक युवक को लूट लिए। ख़बरों के अनुसार लुटेरों ने पोकेमोन गो  में game में मौजूद map के माध्यम से युवक को ढूँढा और उसे लूट का शिकार बना लिया।


  • Guatemala में दो cousins Pokemon Go Game खेल रहे थे और game  खेलते-खेलते  वह एक घर में जा घुसे और उस घर के मालिक के द्वारा चलाई गोली लगने से एक भाई की मौत हो गयी और दूसरा बुरी तरह जख्मी है। 

 
  • America में एक व्यक्ति कार चलाते समय Pokemon Go खेलने में इतना खोया हुआ था कि उसने Police की गाड़ी को ही टक्कर मार दी।


आप Pokemon Go का official Video देखकर भी समझ जाएंगे की यह game कितनी खतरनाक है क्योंकि इसे घुमते-फिरते ही खेल जा सकता है।



Video को देखने से आप समझ जाएंगे की गेम खेलने की लिए कितना ज्यादा चलना पड़ता है,जिसके द्वारा लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है , भारत जैसे देश में वैसे भी traffic काफी ज्यादा है तो यहाँ पर तो खतरा और भी ज्यादा अधिक है।


क्या सावधानी बरते ? (Cautions  )



तो  दोस्तों मेरी आपको सलाह है कि अगर आपको भी pokemon go game पसंद है तो आप कृपा ध्यान से खेले। किसी Park या खुली जगह में ही खेले और Game को खेलने में इतने भी मस्त न हो जाए कि किसी आने-जाने वाले का ख्याल ही न रहे और सड़कों से दुरी ही बनाये रखे। 

रविवार, 24 जुलाई 2016

कबीरा अहंकार मत कर (Kabira Ahankaar Mat Kar)

दोस्तों "कबीरा अहंकार मत कर"  कबीर जी के कुछ दोहें है ,जिसमे कबीर जी ने मनुष्य के अहंकारी स्वभाव और अपने आप पर बढ़पन करने पर व्यंग्य कसा है। जैसा की मैंने अपनी पिछली Post में कबीर जी के दोहों का विस्तार से वर्णन करने का प्रयास किया था ,जिससे उन दोहों की गहराई में छिपे अर्थ स्पष्ट हो सके, इस Post में भी कबीर जी के कुछ चुनिंदा दोहों की विस्तार से व्याख्या करने का प्रयास किया है ।







बुरा जो मैं देखन चला , बुरा न मिला कोये। 
जो दिल खोजा अपना , मुझसे बुरा न कोये।।






अर्थ : कबीर जी कहते है कि जब मैं बुरे लोगों को ढूंढने चला ,तब मुझे कोई भी व्यक्ति बुरा नहीं मिला। लेकिन जब उन्होंने अपने ही दिल में झांककर देखा तो उन्हें  अपने आप से बुरा कोई भी व्यक्ति नहीं लगा।




भाव : सभी लोग एक-दूसरे को बुरा कहते रहते है।  कोई किसी व्यक्ति को बुरा कहता है और कोई किसी अन्य व्यक्ति को बुरा कहता है। लेकिन कोई भी अपने स्वयं के दिल के अंदर  झांककर  नहीं देखता जो सबसे अधिक बुरा है। मनुष्य के दिल में इतने विकार भरे पड़े है वह उनकी तरफ ध्यान नहीं देता ,अपनी बुराई नजर  आती और दुसरो में बुराई को खोजता फिरता है।


वह व्यक्ति ही बिना मतलब दुसरो को बुरा कहता फिरेगा जिसमे खुद में बुराई है। क्यूंकि उसके मन में ईर्ष्या , वैर भावना , क्रोध आदि भरे पड़े है ,इसीलिए वह इसी ईर्ष्या के वश होकर दुसरो को बुरा कह रहा है और अपनी बुराई की तरफ ध्यान ही नहीं दे रहा।


इसीलिए कबीर जी ने कहा है कि बुरा जब मैं देखने चला ,मुझे कोई भी व्यक्ति बुरा नहीं मिला। क्यूंकि हर एक इंसान में कुछ-न-कुछ अच्छाई होती ही है और उन्होंने उनकी अच्छाई को ही देखा ,उन्हें कोई भी बुरा नहीं मिला। और आगे कहते है कि जब अपना ही दिल खोज तो उन्हें अपने आप से बुरा कोई भी नहीं लगा। ऐसा उन्होंने इसलिए कहा क्यूंकि यह बुराई का ही भाव है जोकि किसी दूसरे में बुराई को ढूंढता है।


अगर आप सच में एक अच्छे व्यक्ति है तो आपको दूसरों की अच्छाई ही नजर आएगी न की बुराई।


[इस दोहे में साधारण व्यक्तियों की बात करी गई है ,इसका यह अर्थ नहीं कि आप जो सच में बुरे  दूसरों को कष्ट देतें है ,उन्हें भी अच्छा कहे। व्यक्ति में जो साधारण बुराई  के भाव होते है और जो अच्छाई होती है ,उस  भावों से इस दोहे का तातपर्य है।








बढ़ा हुआ तो क्या हुआ , जैसे पेड़ खजूर। 
पंथी को छाया नहीं , फल लागे अति दूर।।



अर्थ : इस दोहे में कबीर जी कहते है कि अगर व्यक्ति बड़ा हो भी गया और किसी काम का नहीं तो उससे क्या फायदा ,वो तो खजूर के पेड़ के समान ही है। जो पथिक होता है ,खजूर का पेड़ न तो उसे धूप से राहत ही दे सकता है और न ही कोई भी उसके फलों को आसानी से खा सकता है क्यूंकि फल बहुत ही ज्यादा ऊंचाई पर लगे होते है।


भाव : अगर कोई व्यक्ति बलशाली है और वह किसी भी कमजोर की कोई मदद नहीं करता तो उसके ऐसे बल का कोई भी फायदा नहीं जो किसी के काम न आ सके।


अगर कोई व्यक्ति अमीर है और वह दान देना या किसी भी तरह से दूसरों की मदद/सेवा करना नहीं जानता तो उसके अमीर होने का कोई भी लाभ नहीं और उसका धन व्यर्थ है जो दूसरों की मदद न कर सके। लोगों को धन जोड़ने की आदत होती है ,ठीक है जोड़िये धन ,मगर जितना जरूरी है उतना जोड़िये ,चलो ज्यादा भी जोड़ लीजिये ,पर अगर कोई परिचित मुश्किल में है और उसको धन की आवश्यकता है तो उसकी मदद भी करनी चाहिए। अगर इतना धन  होने के बावजूद भी किसी काम न आ सके ,तो उस धन का कोई भी फायदा नहीं और वह सिर्फ कागज़ के समान है।








कबीरा गर्व न कीजिये , ऊँचा देख आवास। 
काल पड़ो भू लेटना , ऊपर जमसी घास



अर्थ : कबीर जी कहते है कि हमे अपनी सम्पति या ताकत पर गर्व नहीं करना चाहिए। जब काल आएगा तब जमीन पर ही लेटना पढ़ेगा और उसके ऊपर घास उगी हुयी होगी।


भाव : कबीर जी कहते है कि मनुष्य को अपनी अमीरी ,अपनी शोहरत ,अपनी ताकत अथवा किसी भी बात पर अभिमान नहीं करना चाहिए। जब  मनुष्य का अंतिम समय आएगा तब उसने जमीन पर ही लेटना है अर्थात मनुष्य अपने साथ कुछ भी लेकर नहीं जा सकता , तो फिर मनुष्य मान किस बात का करता है। अंत समय जब आएगा तब न ही पैसा बचा पाएगा और न ही उसका नाम ही उसे बचा पाएगा। अंत समय में सब एक ही है। मरना गरीब ने भी है और मरना अमीर ने भी है ,तो फिर अभिमान किस बात का।


इस दोहे में भी एक तरह से कर्म करने की तरफ  भी बल दिया गया है। क्यूंकि अंत समय में कुछ भी काम नहीं आएगा सब कुछ चला जाएगा ,लेकिन मनुष्य जो कर्म करता है वह उसके साथ हमेशा रहते है , कर्म ही एक ऐसी वस्तु है जिसकी कमाई गरीब से गरीब व्यक्ति भी कर सकता है और कर्मों की कमाई अगले जन्मों में भी साथ नहीं छोड़ती। अभिमान त्यागो , सच को समझो और कर्मों पर बल दो।








दोष पराए देखि करि , चला हसन्त हसन्त। 
अपने याद न आवई , जिनका आदि न अंत



अर्थ : कबीर जी ने इस दोहे में मनुष्य के स्वभाव का के बारे में कहते है कि मनुष्य का स्वभाव ही है कि वह दूसरों के दोषों को देखकर हँसता है। मनुष्य को अपने दोषों के बारे में बिलकुल भी याद नहीं आता ,जिनका न तो आदि ही है और न ही अंत।


भाव : जैसा कि पहले दोहें में में बताया गया है ,यह भी उसी से मिलता-जुलता ही है। इसमें भी यही कहा गया  कि मनुष्य दूसरों में तो बुराई ढूंढता फिरता है और दूसरों की बुराई की बाते करता रहता है ,लेकिन कभी भी वह  अपने अंदर दोषों को झांककर नहीं देखता , जो दोष पता नहीं कहाँ से शुरू हो रहे है और खत्म होने का नाम ही नहीं लेते। दूसरों में दोष ढूँढ़ने के बजाए मनुष्य को अपने अंदर झांकना चाहिए और अपने दोषों को खत्म करना चाहिए। जब अपने अंदर से ही दोष खत्म हो जाएंगे फिर दूसरों में भी कोई दोष नहीं नजर आएगा ,क्यूंकि दूसरों में दोष वही ढूंढते-फिरते है , जिनमे खुद में दोष होते है। जिसमे दोष नहीं होगा ,वह दूसरों की बुराई करने में समय बर्बाद नहीं करेगा बल्कि वह अपने आत्मकल्याण की तरफ ध्यान देगा।








ज्ञानी मूल गँवाईया , आप भये करता। 
ताते संसारी भला , जो सदा रहे डरता


अर्थ : जो ज्ञानी मनुष्य ,अपने ज्ञान के अहंकार में पढ़कर अपने आप को ही सर्वश्रेष्ठ समझने लगता है ,उससे अच्छा तो  एक संसारी मनुष्य है ,जो कम से कम बुराई करने से तो डरता है और उसे ईश्वर का भी डर है।


भाव : ज्ञानी को कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए ,उसे यह नहीं समझना कि वह सब कुछ जानता है और ऐसी सोच से अपने आप को सबसे महान समझने लग जाता है। असल ज्ञानी वही है ,जिसमे अहंकार के भाव न हो और ईश्वर की सत्ता में विश्वास रखता हो और बुराई करने डरे। अगर ज्ञानी अहंकार में फंसकर अपने आप को सर्वश्रेष्ठ समझता है तो ऐसे ज्ञानी से तो अच्छा वही संसारी एवं अज्ञानी मनुष्य श्रेष्ठ है जो भौतिकता में रहकर भी कम से कम ईश्वर से तो डरता है क्यूंकि उसे इतना को ख्याल है कि ईश्वर तो उसके सभी कर्म देख ही रहा है।



दोस्तों ,मैंने अपनी तरफ से इन दोहों का विस्तार से वर्णन करने का प्रयत्न किया है ,लेकिन अगर अभी भी अगर आपको कोई confusion हो तो आप comment करके पूछ सकते है।



आपको इन दोहों का वर्णन कैसा लगा , Comment करके जरूर बताये। अगर आपको "कबीरा अहंकार मत कर " Post पसंद आयी तो अपने दोस्तों के साथ share करना मत भूले।



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